नक्सलगढ़ अबूझमाड़ का मलखंभ चैंपियन:गिनीजी बुक के लिए CM भरेंगे फीस

नक्सलगढ़ अबूझमाड़ का मलखंभ चैंपियन:गिनीजी बुक के लिए CM भरेंगे फीस

छत्तीसगढ़ के नक्सल पीड़ित मलखंभ खिलाड़ी राकेश वर्दा का ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ के बाद ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आवेदन के लिए लगने वाली 80 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की है। अबूझमाड़ के रहने वाले 12 साल के खिलाड़ी ने मुंबई में हैंडस्टैंड प्रतियोगिता में 1 मिनट 7 सेकेंड तक हैंडस्टैंड करते हुए न सिर्फ विजेता का खिताब जीता बल्कि भारत और विश्व के लिए एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया था। इससे पहले भारत का बेस्ट रिकार्ड 30 सेकेंड का था।

दरअसल, खिलाड़ी का नाम राकेश वर्दा (12) है। यह अबूझमाड़ के ओरछा इलाके का रहने वाला है। राकेश की विभिन्न तरह के खेल में रूचि को देखते हुए नक्सलियों ने पिता को धमकी दी ओर बेटे को खेलना बंद करवाने को कहा था। लेकिन, राकेश के पिता ने बेटे को खेलने से नहीं रोका। ऐसा न करने पर नक्सलियों ने राकेश के पिता को गांव छोड़ने फरमान जारी कर दिया था। पिता ने बेटे के भविष्य को देखते हुए परिवार समेत उसे कुतुलगरपा गांव लेकर आए। यहां 8 साल के राकेश वर्दा को छत्तीसगढ़ स्पेशल टास्क फोर्स में काम करने वाले मनोज प्रसाद मिले, जिन्होंने मलखंभ का प्रशिक्षण देने बुलाया।नई जगह में राकेश के जज्बे को एक नई रोशनी मिली। करीब 6 से 8 घंटे तक सिर्फ मलखंभ की प्रैक्टिस करता था। बचे समय में पढ़ाई करता और कम्प्यूटर सीखता था। ट्रेनर मनोज ने बताया कि, ट्रेनिंग के समय भी इसमें बेहद जुनून देखने को मिलता था। जब महाराष्ट्र के गोरेगांव में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मलखंभ हैंडस्टैंड प्रतियोगिता के बारे में पता चला तो इस प्रतियोगिता में इसने भी हिस्सा लिया। राकेश ने 1 मिनट 6 सेकेंड तक हैंडस्टैंड कर नया रिकॉर्ड बना खिताब अपने नाम कर दिया। मनोज ने बताया कि, इससे पहले भारत का बेस्ट रिकार्ड 30 सेकेंड का था। जिसे राकेश ने तोड़ दिया।

मलखंभ हैंडस्टैंड प्रतियोगिता के लिए देश भर के 1000 खिलाड़ी शामिल हुए थे। खास बात ये है कि दूसरा स्थान भी अबूझमाड़ के रहने वाले 11 साल के राजेश कोर्राम ने प्राप्त किया। इस प्रदर्शन के साथ ही राकेश का नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज हो गया था। जिसके बाद राकेश ने इस प्रदर्शन के लिए ‘गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड’ के लिए भी आवेदन किया। जिसे स्वीकार कर लिया गया है। लेकिन इस आवेदन के लिए जरूरी 80 हजार रूपए की फीस भर पाने में राकेश समर्थ नहीं था। नारायणपुर पहुंचे CM ने फीस भरने की घोषणा की।

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