दिल्ली के प्रगति मैदान में देश के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत ड्रोन महोत्सव 2022 का उद्घाटन किया। इस दौरान PM ने कहा- पिछली सरकारों में तकनीक को समस्या का हिस्सा समझा गया, उसको गरीब विरोधी साबित करने की कोशिशें हुईं।
इस वजह से 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नोलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का माहौल रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब, वंचितों, मिडिल क्लास को हुआ। मैंने केदारनाथ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर ड्रोन से नजर रखी। अब यही तकनीक लाखों किसानों की मददगार बनेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वह अद्भुत है। यह भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग को दर्शाता है। यह भारत में रोजगार के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती है। आज देश का किसान तकनीक के साथ कहीं ज्यादा सहज है, उसे ज्यादा से ज्यादा अपना रहा है।
ड्रोन तकनीक हमारे कृषि सेक्टर को अब दूसरे स्तर पर ले जाने वाली है। स्मार्ट तकनीक आधारित ड्रोन इसमें बहुत काम आ सकते हैं। पहले के समय में टेक्नोलॉजी और उससे हुए अविष्कार एलीट क्लास के लिए माने जाते थे। आज हम टेक्नोलॉजी को सबसे पहले जनता को उपलब्ध करा रहे हैं। ड्रोन तकनीक भी इसका उदाहरण है। हमने बहुत कम समय में ही ड्रोन पर लगने वाली पाबंंदियां हटा दी है।
ड्रोन महोत्सव 27 से 28 मई तक आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने किसान ड्रोन ऑपरेटर्स से बातचीत की। उन्होंने डिजिटल तौर पर 150 ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट लॉन्च किया। महोत्सव में सरकारी अफसर, विदेशी डिप्लोमेट्स, सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
साथ ही सरकारी, निजी कंपनियों और ड्रोन स्टार्टअप के 1600 से अधिक प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। PMO से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री खुले में ड्रोन प्रदर्शन देखेंगे और ड्रोन कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ बातचीत करेंगे।