भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर-मध्य भारत में मानसून और उसके पहले प्री-मानसून का इंतजार हो रहा है। इस बीच, शनिवार को पश्चिमी तट पर गोवा, मुंबई को पार करते हुए आगे बढ़ा मानसून रविवार को भी उसी स्थान पर टिका रहा।
हालांकि, अब इसके जल्द ही दक्षिणी गुजरात, आंध्र, तेलंगाना, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तक पहुंचने के लिए अनुकूल स्थितियां बन चुकी हैं। इसके साथ ही दक्षिणी राजस्थान, अंदरूनी गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बीते प्री-मानसून बारिश हो रही है।
हवा का पैटर्न बता रहा है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश तक 15 जून तक मौसम में बदलाव आने की संभावना नहीं है। यानी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। 15 जून की शाम से या 16 जून को इन राज्यों में आंधी आने की आशंका है।
उत्तरी व मध्य राजस्थान में अगले दो दिनों में बारिश हो सकती है। बिहार में 15 जून से हवाएं बदलेंगी। इसी दौरान उत्तर पश्चिमी भारत में मध्यम दर्जे का पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होगी।
मध्यप्रदेश में अरब सागर ब्रांच के जरिए इंदौर संभाग से एंट्री ले सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून की बंगाल की खाड़ी वाली ब्रांच सक्रिय नहीं हुई है, जबकि अरब सागर वाली ब्रांच सक्रिय है।
इसलिए 15 या 16 जून के आसपास मानसून मध्य प्रदेश पहुंच सकता है। साथ ही बीते 24 घंटे में प्रदेश का 50% हिस्सा प्री-मानसून बौछारों से तर हो गया। बारिश से मौसम में घुली ठंडक के कारण गर्मी का लंबा दौर थम सा गया।
44°C तापमान का टार्चर झेल रहे यूपी वालों को 3 दिन बाद यानी 17 जून को राहत मिल सकती है। मौसम विभाग का दावा है कि उत्तर प्रदेश में 17 से 20 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। इससे पहले गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। मौसम विभाग का दावा है कि अगले दो से तीन दिन तक इस तरह भीषण गर्मी पड़ेगी। तापमान 43 से 44°C तक बना रहेगा। हालांकि 15 जून से तापमान 1 से 2°C की कमी हो सकती है। इससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
48 घंटे में मानसून कर्नाटक के बचे हिस्सों, आंध्र, तेलंगाना व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को कवर कर लेगा। छत्तीसगढ़, ओडिशा, प. बंगाल, झारखंड और बिहार में 15 से 20 जून के बीच मानसून दस्तक देगा। 15 जून तक छत्तीसगढ़, पूर्वी MP में प्री मानसून बौछारें पड़ेंगी।