छत्तीसगढ़ में रेलवे बोर्ड ने यात्री सुविधाओं को मजाक बना दिया है। यही वजह है कि पिछले चार माह से ट्रेनों को बिना किसी कारण के कैंसिल करने का सिलसिला जारी है। तीसरी बार रेलवे बोर्ड ने मार्च महीने से बंद 35 ट्रेनों को अब 9 जुलाई तक कैंसिल करने का आदेश जारी किया है। ट्रेनों को कैंसिल करने के लिए रेलवे ने न तो कोई कारण बताया है और न ही यात्रियों की सुविधा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है।
कोरोना काल के बाद से छत्तीसगढ़ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की ओर से मनमानी की जा रही है। स्थिति यह है कि यहां के यात्रियों को पहले कोरोना के नाम से ट्रेन सुविधा से वंचित किया गया। अब रेलवे बोर्ड के आदेश का हवाला देकर जोन मुख्यालय से ट्रेनों का परिचालन 15 दिन के लिए फिर कैंसिल कर दिया गया है। रेलवे की ओर फरवरी-मार्च महीने से 34 ट्रेनों को लगातार कैंसिल किया जा रहा है।
फरवरी-मार्च में पहले एक महीने के लिए गाड़ियों को कैंसिल किया गया। इसके बाद जब ट्रेनें शुरू करने की बारी आई, तब मई में दोबारा सभी 34 ट्रेनों को 24 तक के लिए कैंसिल कर दिया गया। वहीं, अब इन गाड़ियों को 9 जुलाई तक रद्द रखने का आदेश जारी कर दिया गया है।
इधर, रेलवे के अफसरों ने कोयला संकट और कोयला परिवहन करने के बहाने ट्रेनों को कैंसिल करने की बात कही है। हालांकि, अधिकारी अभी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने के बजाए ट्रेनों को कैंसिल करने के पीछे रेलवे बोर्ड के आदेश का हवाला दिया है। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि कोयला परिवहन करने के नाम से ट्रेनों का कैंसिलेशन बढ़ाया गया है।इधर, उत्तर मध्य रेलवे के झांसी रेल मण्डल में पामा-रसूलपुर गोगूमऊ -भीमसेन जंक्शन सेक्शन मे दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए 7 से 16 जुलाई तक ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इसकी वजह से कुछ गाडियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसी तरह ईस्ट कोस्ट रेलवे के संबलपुर रेल मण्डल के टिटलागढ़-थेरूबाली सेक्शन में 28 जून को ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक का काम किया जाएगा।