जर्मनी के श्लॉस एल्माऊ पैलेस में G-7 समिट चल रही है। जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल हो रहे हैं। समिट में क्लाइमेट चेंज, एनर्जी, हेल्थ और फूड सिक्योरिटी एंड जेंडर इक्वालिटी पर फोकस है। इसके अलावा यूक्रेन-रूस जंग और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र पर भी गंभीर चर्चा हो रही है।
सोमवार को समिट शुरू होने के पहले ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान एक पल ने सभी का ध्यान खींचा। दरअसल, ग्रुप फोटो से पहले मोदी और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो बातचीत कर रहे थे। कुछ दूरी पर US प्रेसिडेंट जो बाइडेन खड़े थे। उन्होंने मोदी को देखा तो तेज कदमों से चलकर उनके पीछे पहुंचे। मोदी का कंधा थपथपाकर अटेंशन चाही। मोदी ने जैसे ही पलटकर देखा तो फौरन बाइडेन का हाथ थाम लिया। फिर दोनों राष्ट्राध्यक्ष कुछ देर तक बातचीत करते रहे। इसके बाद ग्रुप फोटो सेशन हुआ।
इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी के म्यूनिख पहुंचे थे। वहां उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित किया था। मोदी ने कहा था- आज 26 जून है जो डेमोक्रेसी के लिहाज से अहम है। आज से 47 साल पहले इसी समय उस डेमोक्रेसी को बंधक बनाने उसे कुचलने का प्रयास किया गया था। इसी दिन डेमोक्रेसी पर इमरजेंसी लगाई गई थी। इसके बाद लोकतंत्र की जीत हुई। भारत के लोगों ने लोकतंत्र को कुचलने का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया।