जिले में 19 जून को मानसून ने दस्तक दी। इसके बाद जुलाई में खूब बारिश हुई। 2 बार भारी बारिश भी हुई। इस कारण गंगरेल सहित 3 सहायक बांध मुरूमसिल्ली, सोंढूर व दुधावा में रिकॉर्ड साढ़े 32 टीएमसी पानी आया। सभी बांध अभी 81% भरे हैं। खास बात यह कि 32.150 टीएमसी क्षमता के अकेले गंगरेल बांध में 31.151 टीएमसी (96.30%) पानी है। इस वजह से खरीफ फसल सींचने 25.78 टीएमसी पानी उपलब्ध है। गंगरेल में 6 हजार क्यूसेक आवक हो रही। इसलिए बांध से इतना पानी 4 गेट खोलकर रुद्री बैराज के लिए छोड़ा जा रहा है।
बांधों में जलभराव व अन्य बिंदुओं पर सोमवार को जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक कलेक्टर ने ली। इसमें विधायक रंजना साहू भी मौजूद थीं। देर-शाम को मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीसी के जरिए बांधों की रिपोर्टिंग ली। कलेक्टर पीएस एल्मा को जरूरी निर्देश दिए।
| बांध | क्षमता | जलभराव | आवक | जावक | प्रतिशत |
| गंगरेल | 32.150 | 31.1 51 | 6000 | 6000 | 96.30% |
| मुरुमसिल्ली | 5.839 | 3.860 | 451 | 00 | 65 % |
| दुधावा | 10.192 | 5.835 | 394 | 00 | 56% |
| सोंढूर | 6.995 | 4.939 | 324 | 00 | 67% |