मां काली पोस्टर विवाद को लेकर फिल्म मेकर लीना मणिमेकलाई पर दर्ज मामले की सुनवाई 29 अगस्त तक टल गई है। मामले की सुनवाई कर रहे जज छुट्टी पर हैं, जिसकी वजह से इसे आगे बढ़ाया गया है। लीना ने एक फिल्म के पोस्टर और टेलर में मां काली को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया था।
पोस्टर में मां काली बनी अभिनेत्री को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया था। 2 जुलाई को पोस्टर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया था। यूजर्स ने मेकर्स पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था।
याचिकाकर्ता राज गौरव ने शनिवार को कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की। उन्होंने कहा कि हम कुछ अन्य डॉक्यूमेंट रिकार्ड में शामिल करना चाहते हैं, जो विपक्ष के मामले से संबंधित है और उनकी योग्यता को प्रभावित करते है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 11 जुलाई को लीना मणिमेकलाई को समन जारी किया था। कोर्ट ने कहा कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले विपक्ष को सुनना जरूरी है।
एडवोकेट राज गौरव ने दायर याचिका में कहा लीना की आने वाली फिल्म काली के पोस्टर में हिंदूओं की देवी काली को अपमानित किया गया है। उन्होंने कहा फिल्म के पोस्टर में काली देवी को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है, जो हिन्दुओं का भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और नैतिकता के खिलाफ है।
दिल्ली पुलिस ने विवादित पोस्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कनाडा में भारतीय हाई कमीशन ने इस पर नाराजगी जताई और आगा खान संग्रहालय से हिन्दू देवताओं के अपमानजनक चित्र को वापस लेने को कहा।डॉक्यूमेंट्री काली विवाद को लेकर विदेश मंत्रालय का बयान कुछ दिन पहले आया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि ओटावा स्थिति भारतीय उच्चायोग ने मामले पर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि ओटावा में फिल्म की स्क्रिनिंग से जुड़े आयोजकों ने माफी मांग ली है। उन्होंने फिल्म की स्क्रिनिंग भी रोक दी थी। वहीं इस मामले पर दर्ज हो रही एफआईआर पर उन्होंने कहा था कि यह घरेलू मामला है। इसका विदेश नीति से कोई लेना-देना नहीं है।