लगातार बारिश से मध्यप्रदेश में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। बीते 24 घंटे में नर्मदा, बेतवा, ताप्ती खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। हिमाचल प्रदेश के रुनपु गांव में शुक्रवार को लैंडस्लाइड में एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन महिला समेत एक बच्चा घायल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में नाले के ऊपर बनी पुलिया पर पानी बहने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन तक जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात में तेज बारिश हो सकती है।
महाराष्ट्र में तेज बारिश से कई शहर पानी में डूबे हुए हैं। पुणे में भारी बारिश से मशहूर भिडे पुल पानी में डूब गया है। वहीं कर्नाटक के कोप्पल में तुंगभद्रा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद काम्पली-गंगावती पुल जलमग्न हो गया है। गुजरात में भी तापी का जलस्तर बढ़ने से 45 लोगों को शिफ्ट किया गया।मध्यप्रदेश में टूटकर बरस रहे बादलों की वजह से एक बार फिर नदी-नाले उफना गए हैं। नर्मदा, शिप्रा, बेतवा, ताप्ती खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। ओंकारेश्वर-हलाली डैम ओवरफ्लो हो गया है। तवा और इंदिरा सागर बांध के गेट खोलने पड़े हैं। नर्मदापुरम, खंडवा, बैतूल, रायसेन, हरदा और धार के कई इलाकों में नर्मदा खतरे के निशान के करीब है। नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रामघाट पर शिप्रा नदी के किनारे बने मंदिर पानी में डूब गए हैं।
वहीं बुरहानपुर में ताप्ती खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुधवार रात नदी का जलस्तर 227 मीटर पर पहुंच गया था, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा जलस्तर है। ताप्ती नदी के सभी घाट अभी डूबे हुए हैं। अगले 4 दिन तक प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो यहां पर ढाई से आठ इंच तक पानी गिर सकता है। राजगढ़ में भी भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है।
ग्रामीणों को इस वजह से गांव तक सीमित रहना पड़ रहा है। नदी किनारे स्थित खेतों में लबालब पानी भर गया है। धान की पूरी फसल खराब हो रही है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। कुछ जगहों पर पुलिया बहने की भी खबर सामने आ रही है। हाल ही में बनाई गई सड़कें भी बारिश में धुल गई हैं और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
छत्तीसगढ़ में इस माह अब तक 183 मिमी बारिश हो चुकी है, जो औसत से 29 फीसदी अधिक है। यह मानसून के कोटे का 65 प्रतिशत है, जबकि अगस्त का 20 प्रतिशत अभी बाकी है। अगस्त में प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश हुई है।
में शुक्रवार को लैंडस्लाइड में एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन महिला समेत एक बच्चा घायल हैं। इसे लेकर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की है।
भारी बारिश की वजह से प्रदेशभर में 88 सड़कें और बिजली के 162 ट्रांसफार्मर (DTR) ठप पड़े हैं। सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही और सेब की ढुलाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कों का नामों-निशां तक मिट गया है।