छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह से लगातार हाे रही बरसात से मंगलवार को थोड़ी राहत मिली। बादल छंटे तो थोड़ी धूप भी निकली। बरसात से यह राहत बुधवार तक ही बने रहने की संभावना है। गुरुवार से यहां फिर से बारिश होने की संभावना बढ़ रही है। इस दौर में अब तक सूखे रहे सरगुजा को भी राहत की उम्मीद है।
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया, इस समय मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जैसलमेर, पूर्वी राजस्थान और उससे लगे पश्चिम मध्य प्रदेश, दमोह, अंबिकापुर, पुरुलिया, कोंटाई, और उसके बाद पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। 19 अगस्त को एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है।
इसकी वजह से 17 अगस्त को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। निम्न दाब के क्षेत्र की वजह से 18 अगस्त से प्रदेश में वर्षा की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना बन रही है।
इसके बाद अगले कुछ दिनों तक बरसात होती रहेगी। अभी तक बिहार की तरफ कोई सिस्टम नहीं बनने से सरगुजा का बड़ा हिस्सा अवर्षा अथवा कम वर्षा से प्रभावित रहा। इस बार मानसून द्रोणिका अंबिकापुर को छू रही है। इसकी वजह से सरगुजा संभाग के जिलों में भी राहत की उम्मीद बढ़ गई है।मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के अधिकांश हिस्सो में दो मिलीमीटर से 70 मिलीमीटर तक की बरसात हुई है। दिन में अधिकांश केंद्रों पर बरसात की गतिविधियां रुकी रहीं। सबसे अधिक 70 मिमी बरसात कटघोरा में रिकॉर्ड की गई है। रायपुर में 6.5 और माना में 10.6 मिमी बरसात हुई। मौसम विभाग ने शाम 5.30 बजे की स्थिति में जगदलपुर और अंबिकापुर में हल्की बरसात हुई है।