दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन ने आजादी के अमृत महोत्सव पर देश की सबसे लंबी मालगाड़ी चला कर नया कीर्तिमान रचा है। 5 मालगाड़ी के 295 वैगन को एक साथ जोड़कर, 6 इंजन के साथ 27 हजार टन कोयले का परिवहन किया गया। 3.5 किमी लंबी भाड़ा ट्रेन को रेलवे ने सुपर वासिकी मालगाड़ी का नाम दिया है। यह गाड़ी कोरबा से राजनांदगांव के परमकला के बीच चलाई गई। 267 किमी की दूरी को ट्रेन ने 11 घंटे में तय किया।
छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित कोयला खदानों से लगातार कोयले की सप्लाई हो रही है। इसके चलते रेलवे ने यात्री ट्रेनों को भी कैंसिल कर दिया था। देश में बिजली संकट और कोयले की बढ़ती डिमांड को लेकर रेलवे भी कोयला परिवहन के लिए लगातार कई सफल प्रयोग किया है। इससे पहले रेलवे ने इसी तरह 22 जनवरी 2021 में पांच खाली मालगाड़ी भिलाई से कोरबा लाई गई थी। इसे वासुकी नाम दिया गया था। मालगाड़ी कोयला लोड होकर पहली बार चली है। जोन का दावा है कि यह देश की सबसे लंबी मालगाड़ी है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी साकेत रंजन ने बताया कि SECR लगातार इस तरह के सफल प्रयोग कर रहा है। सुपर वासुकी से पहले रेलवे ने एनाकोंडा, सुपर एनाकोंडा और शेष नाग के साथ वासुकी मालगाड़ी का प्रयोग कर चुका है। एक साथ तीन या पांच मालगाड़ी को जोड़कर परिचालन से स्टाफ की बचत होती है। इसके साथ ही समय की भी बचत होती है। इससे रेलवे ट्रैक पर यातायात का दबाव भी कम होता है। उन्होंने बताया कि सामान्य रूप से सुरक्षित परिचालन के लिए एक ब्लाक सेक्शन में केवल एक मालगाड़ी या ट्रेन चलाई जाती है।