ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ II का निधन हो गया है। उन्होंने 6 फरवरी 1952 को ब्रिटेन का शासन संभाला था। 8 सितंबर को उनके निधन के बाद प्रोटोकॉल के मुताबिक अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।
क्वीन एलिजाबेथ का अंतिम संस्कार शाही परंपरा के मुताबिक, 10वें दिन यानी 19 सितंबर को किया जाएगा। अंतिम संस्कार से जुड़ी परंपराएं 12 दिन तक चलेंगी। भारत सरकार ने भी क्वीन के निधन पर एक दिन 11 सितंबर को शोक की घोषणा की है।
स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल से उनका पार्थिव शरीर लंदन लाया जाएगा। यहां वेस्टमिंस्टर ऐबे में उनका अंतिम संस्कार होगा। महारानी को पति प्रिंस फिलिप के बाजू में दफनाया जाएगा।
96 राउंड फायरिंग से शाही गन सैल्यूट दिया गया
अंतिम संस्कार से जुड़ी परंपराओं के तहत दिवंगत महारानी को शुक्रवार को शाही गन सैल्यूट दिया गया। क्वीन 96 साल की थीं, इसलिए उन्हें हर साल के हिसाब से 96 राउंड की फायरिंग के साथ गन सैल्यूट दिया गया।
क्वीन एलिजाबेथ का पार्थिव शरीर स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल से लंदन के बकिंघम पैलेस पहुंचेगा। वहां से इसे वेस्टमिंस्टर हॉल लाया जाएगा। इस दौरान मिलिट्री परेड होगी। शाही परिवार के सदस्य भी इस सफर में शामिल रहेंगे।महारानी के निधन के दिन यानी ‘डी डे’ की पूरी प्लानिंग पहले ही हो गई थी। साल 2021 में कुछ डॉक्यूमेंट्स लीक हुए थे, जिसमें अंतिम संस्कार की तैयारियों का सीक्रेट प्लान था। ‘ऑपरेशन लंदन ब्रिज’ के मुताबिक ही तैयारियां हो रही हैं। प्लानिंग के मुताबिक, रॉयल परिवार की वेबसाइट का पेज ब्लैक कर दिया गया। महारानी के निधन के बाद 10 मिनट के भीतर वॉइटहॉल के झंडे आधे झुकाने का जिक्र इस ऑपरेशन में किया गया था। ऑपरेशन स्प्रिंग टाइड में प्रिंस चार्ल्स की ताजपोशी का जिक्र था।