विजयादशमी पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने शस्त्रों की पूजा कर माता से अभय का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने CM हाउस में विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की। इस दौरान मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। इधर राजभवन में राज्यपाल अनुसुईया उइके ने शस्त्र पूजा कर दशहरा की शुभकामना दी।
दशहरा पर माता दुर्गा, भगवान राम और शस्त्रों की पूजा के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, दशहरा असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व है। यह पर्व हमें अपने अहंकार तथा बुराई को समाप्त कर अच्छाई तथा सत्य की राह पर चलने की सीख देता है। दशहरा पूजा के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने पैतृक गांव कुरुदडीह भी गए। वहां नयाखाई के मौके पर उन्होंने परिवार के लोगों के साथ कुल देवता की पूजा की।मुख्यमंत्री इस मौके पर प्रदेश के लोगों की खुशहाली की कामना भी की। कुरुदडीह से मुख्यमंत्री वापस रायपुर लौटेंगे। शाम को उन्हें रायपुर के डब्ल्यूआरएस रेलवे कॉलोनी मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होना है। यहां प्रदेश का सबसे बड़ा दशहरा आयोजन होता है। मुख्यमंत्री शाम को कुम्हारी, चरोदा और भिलाई के दशहरा उत्सवों में भी शामिल होने वाले हैं।
राज्यपाल अनुसुईया उइके राजभवन में आयोजित शस्त्र पूजा और हवन में शामिल हुईं। उन्होंने राजभवन परिसर में विधिवत् शस्त्र पूजा की। बाद में उन्होंने मां भगवती की आरती कर हवन में आहूति भी दी। उन्होंने उपस्थित राजभवन सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों को विजयादशमी और दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी। इस दौरान राज्यपाल ने विजयादशमी की आरती और हवन के लिए विशेष रूप से आमंत्रित गायत्री परिवार के सदस्यों को उपहार भेंट किया।