छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन जुआ-सट्टा कारोबार का बड़ा नेटवर्क बिछा है। पुलिस इसपर कार्रवाई कर रही है, लेकिन मौजूदा कानून में मौजूद लूप होल्स से उसकी सीमाएं बता दी हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में सामने आया है कि इसपर प्रभावी कार्रवाई के लिए कोई कानून ही नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को बताया, अभी तो जुआ एक्ट में कार्रवाई हो रही है। इसमें उन्हें आसानी से जमानत मिल जाती है।
रायपुर सर्किट हाउस में कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस के पहले सत्र के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस से बात की। उन्होंने कहा, ऑनलाइन जुआ-सट्टा का कारोबार बहुत बड़ा है। इसका नेटवर्क देश के दूसरे राज्यों और विदेशों से संचालित हो रहा है। यहां कुछ मामले सामने आये उसके बाद लगातार कार्रवाई हो रही है। पूरे देश में केवल छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन जुआ-सट्टा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हो रही है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए कानूनी अड़चन आड़े आ रही है।
मुख्यमंत्री का कहना था, अभी पुलिस जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है। इसमें आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। सामने आया है कि ऑनलाइन जुआ संचालित करने वाले इसका रूप बदल रहे हैं। यह इंटरनेट के जरिए विदेशों से संचालित है। इसके लिए आईटी कानून में भी पर्याप्त बदलाव की जरूरत है। लेकिन आईटी कानून में कोई संशोधन केंद्र सरकार ही कर सकती है। इसकी भी कोशिश हो रही है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों डीजीपी अशोक जुनेजा को ऑनलाइन जुआ-सट्टा पर नियंत्रण के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था, इसके लिए नया कानून बनाने की जरूरत है तो उसे भी प्रस्तावित किया जाए। हालांकि अभी तक अफसरों ने इसका खाका नहीं बनाया है। एक सुझाव है कि आईटी एक्ट में कुछ बदलाव कर इसको प्रभावी किया जा सकता है। लेकिन आईटी एक्ट केंद्र सरकार का विषय है। ऐसे में राज्य सरकार उसमें संशोधन नहीं कर पाएगी। संभवत: सरकार अब इसके लिए केंद्र सरकार से पत्राचार करेगी।