केंद्र सरकार ने 30 साल पुराने राजीव गांधी फाउंडेशन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। राजीव गांधी फाउंडेशन गांधी परिवार से जुड़ा एक NGO है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को RGF का फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेग्युलेटिंग एक्ट (FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया। संगठन पर विदेशी फंडिंग कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगा है।जुलाई 2020 में MHA ने एक कमेटी का गठन किया था। दो साल बाद उसी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फाउंडेशन को रद्द करने का फैसला लिया गया। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं, जबकि अन्य ट्रस्टियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं। लाइसेंस रद्द करने की सूचना RGF के पदाधिकारियों को भेजी गई है।RGF की स्थापना राजीव गांधी के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए 21 जून 1991 में हुई थी। फाउंडेशन ने 1991 से 2009 तक हेल्थ, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, विमन एंड चिल्ड्रन, डिसेबिलिटी सपोर्ट जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है। फाउंडेशन की वेबसाइट के मुताबिक इसने एजुकेशन के लिए भी काम किया।