दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करते हुए सिग्नल सिस्टम को ऑटोमैटिक करने जा रहा है। इस काम से अब ट्रेनें एक ही रूट पर एक के बाद एक आसानी से चल सकेंगी। जिससे यात्रियों का सफर कम समय में पूरा होगा। साथ ही रेलवे भी इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और ट्रैक खाली होने पर और अधिक संख्या में ट्रेनें चला सकता है।
ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम शुरू होने के बाद ट्रेनों को अब बेवजह कहीं भी खड़ा नहीं करना पड़ेगा। पुराने सिस्टम (एब्ल्यूट ब्लॉक सिस्टम) में कहीं भी खड़ी ट्रेन को हरा सिग्नल तभी मिलता था, जब उस रूट पर आगे चल रही ट्रेन अगले स्टेशन पर पहुंच जाए। तब पीछे खड़ी ट्रेन हरा सिग्नल पाकर चलती थी। ऑटोमैटिक सिस्टम का बड़ा लाभ यह है कि अब एक ब्लॉक सेक्शन में एक के पीछे दूसरी ट्रेन इन ऑटोमैटिक सिग्नल के सहारे लगातार करीब में चलती रहेंगी।