भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-S आज श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया गया। सिंगल स्टेज वाले इस रॉकेट को इंडियन स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने बनाया है। ये एक तरह का डेमोंसट्रेशन मिशन है जिसमें तीन पेलोड को साथ ले जाया गया। रॉकेट ने 89.5 के पीक एल्टीट्यूड को अचीव किया फिर समुद्र में स्पैल्शडाउन हुआ।
कॉमर्शियल स्पेस एक्सप्लोरेशन को प्रमोट करने वाली भारत की नोडल एजेंसी इन-स्पेस विक्रम-S सबऑर्बिटल व्हीकल को लॉन्च की मंजूरी दी थी। इस मिशन का नाम प्रारंभ है। कंपनी का दावा है कि विक्रम सीरीज के रॉकेट सैटेलाइट लॉन्चिंग को कैब बुक करने जितना आसान कर देगा। इतना ही नहीं विक्रम सीरीज के रॉकेट पेलोड सेगमेंट में सबसे कम लागत वाले रॉकेट होंगे।
विक्रम-एस रॉकेट चेन्नई बेस्ड स्टार्टअप स्पेसकिड्ज़, आंध्र प्रदेश बेस्ड एन-स्पेसटेक और अर्मेनियन बाजूम-Q स्पेस रिसर्च लैब के तीन पेलोड को विक्रम-एस के साथ भेजा गया था। स्पेसकिड्ज़ का 2.5 किलोग्राम का पेलोड ‘फन-सैट’ भारत, अमेरिका, सिंगापुर और इंडोनेशिया के स्टूडेंट ने डेवलप किया है।
स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका ने कहा, ‘यह भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ी छलांग है। रॉकेट लॉन्च करने के लिए अधिकृत होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनने के लिए स्काईरूट को बधाई। रॉकेट ने अपने इस मिशन में 89.5 के पीक एल्टीट्यूड को अचीव किया।