छत्तीसगढ़ में पहली बार ब्रेन डेड व्यक्ति से निकाले गए अंगों को दूसरे मरीजों में लगाने की सर्जरी हुई है। इसके लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में 100 से अधिक डॉक्टराें-तकनिशियनों की टीम ने लगातार 32 घंटे तक सर्जरी की। ब्रेन डेड हो चुकी 44 वर्षीय महिला के शरीर से किडनी और लीवर निकालकर तीन मरीजों को तो वहीं लगा दिया गया। शेष अंगों को अलग-अलग अस्पतालों को भेजा गया है, जहां वह जल्दी ही जरूरतमंदों के काम आएंगे।
रायपुर में कबीर नगर की रहने वाली 44 वर्षीय अमरजीत कौर को ब्रेन स्ट्रोक की वजह से ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। उनके परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई और प्रशासन ने उनके नेक काम में मदद की। रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप दवे ने बताया, हमें पता चला कि शहर में ब्रेन डेड का एक केस है, जिसमें परिजन कैडेवर आर्गन डोनेशन के लिए तैयार हैं। इसके बाद हमने तैयारी शुरू कर दी। कोई चूक न हो, इसके लिए 100 से अधिक डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की टीम बनाई। परिजनों को भावनात्मक सपोर्ट देने के लिए एक काउंसलिंग टीम पूरे समय उनके साथ रही।