अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। उसने सेमीफाइनल में मंगलवार की देर रात क्रोएशिया को 3-0 से हरा दिया। मैच के हीरो जूलियन अल्वारेज रहे। जूलियन ने 2 और लियोनल मेसी ने एक गोल दागा। अल्वारेज 10 साल पहले अपने चेहते खिलाड़ी मेसी के साथ फोटो खिंचवाने के लिए स्टेडियम पहुंचे थे। अब वह फोटो वायरल हो रहा है। वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल बुधवार देर रात 12:30 बजे फ्रांस और मोरक्को के बीच होगा। जबकि फाइनल 18 दिसंबर को होगा। वहीं मेसी का यह आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। मेसी ने जीत के बाद प्रेस वार्ता में जानकारी दी और कहा कि फाइनल उनका वर्ल्ड कप के सफर का आखिरी मैच हो सकता है।फर्स्ट हाफ के 31वें मिनट में अर्जेंटीना के जूलियन अल्वारेज को साथी खिलाड़ी ने पास दिया। पेनल्टी बॉक्स के पास बॉल मिलते ही वह बॉल को आगे ले गए। अल्वारेज बॉल लेकर आगे जा रहे थे तभी पेनल्टी बॉक्स में उन्हें रोकने के लिए क्रोएशिया के गोलकीपर लिवाकोविच ने चैलेंज किया। अल्वारेज गिर गए और बॉल को क्रोएशिया के डिफेंडर ने गोलपोस्ट में जाने से रोक लिया।
रेफरी ने गोलकीपर के फाउल पर यलो कार्ड देते हुए अर्जेंटीना को पेनल्टी दे दी। लियोनल मेसी ने 34वें मिनट में पेनल्टी पर कोई गलती नहीं की। उन्होंने राइट कॉर्नर में शॉट मारकर गोल दाग दिया। मेसी का इस वर्ल्ड कप में तीसरा पेनल्टी गोल है। उन्होंने 2 फील्ड गोल भी दागे हैं। इस मेसी वर्ल्ड कप में अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उनके नाम 11 गोल हो गए हैं। उन्होंने अपने स्वदेशी खिलाड़ी गेब्रियल बतिस्तुता के 10 गोल के रिकॉर्ड को तोड़ा।फर्स्ट हाफ में अर्जेंटीना का पलड़ा भारी रहा। टीम ने 5 शॉट गोल की तरफ मारे, इनमें से 2 शॉट को गोल में कन्वर्ट भी किया। वहीं, क्रोएशिया ने पहले हाफ में 4 शॉट गोल की तरफ मारे पर एक भी शॉट टारगेट पर नहीं गया। क्रोएशिया ने 68% टाइम बॉल पजेशन अपने पास रखा। लेकिन, अर्जेंटीना ने दो बड़े काउंटर अटैक किए और पहले हाफ में 2-0 की बढ़त बना ली।क्रोएशिया पर जीत के साथ अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अपनी अनबीटन स्ट्रीक बरकरार रखी। टीम छठी बार फाइनल में पहुंची। इससे पहले टीम ने 5 सेमीफाइनल खेले, पांचों में उन्हें जीत मिली। लेकिन, टीम 2 बार 1978 और 1986 में ही वर्ल्ड कप जीत पाई। 1978 में उन्होंने नीदरलैंड और 1986 में वेस्ट जर्मनी को हराया था। टीम ने आखिरी बार 2014 में फाइनल खेला था। तब जर्मनी ने उसे हरा दिया था।