अमेरिका में रहने वाले भारतीयों का ग्रीन कार्ड मिलने का सपना फिर टूट गया। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में स्पीकर नेंसी पेलोसी ने ईगल एक्ट को वोटिंग से पहले ही खारिज कर गिरा दिया। डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं के बड़े धड़े ने इसका विरोध किया। नेताओं ने कहा कि इस एक्ट के लागू होने से भारतीयों और चीनी नागरिकों का अमेरिका में दबदबा और बढ़ जाएगा।हर देश के लिए ग्रीन कार्ड का कर्मचारी आधारित 7% कोटा तय है। ईगल एक्ट इस कोटा को 15% कर देता है। इससे ‘पहले आओ, पहले पाओ’ प्रणाली से भारत के लोगों को आसानी से ग्रीन कार्ड मिल पाएगा। फिलहाल भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड की वेटिंग 90 साल है, जो 2030 तक 458 साल हो जाएगी। ऐसे में इस एक्ट को खारिज किया जाना अमेरिका में भारतीयों की मुश्किलें बढ़ाएगा।अमेरिकी संसद में नेताओं ने कहा कि अगर ये एक्ट लागू होता है तो कई देशों को असमानता का सामना करना पड़ेगा। जिन देशों में कामगार वर्ग कमजोर है, उन्हें यहां आने का मौका नहीं मिलेगा। रिपब्लिकन नेता रेप जिम बैंक्स ने कहा कि पहले घुसपैठ करने वाले प्रवासियों को रोका जाना चाहिए, इसके बाद इस एक्ट पर विचार किया जाना चाहिए। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता यवेटे क्लार्क ने कहा कि ईगल एक्ट पारित होने से भारत या चीन के लोगों का दबदबा पहले से ज्यादा होने का खतरा है।