मोरबी ब्रिज हादसे की जांच कर रही गुजरात सरकार की पांच सदस्यीय SIT की शुरुआती रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें पता चला कि केबल 49 तार में से 22 में जंग लग चुकी थी, पुराने सस्पेंडर्स की नए के साथ वेल्डिंग की गई।
जांच रिपोर्ट में पता चला कि जंग लगे तार घटना से पहले ही टूट चुके थे। बाकी के 27 तार घटना के समय टूट गए। बता दें कि IAS अधिकारी राजकुमार बेनीवाल, IPS अधिकारी सुभाष त्रिवेदी, राज्य सड़क और भवन विभाग के सेक्रेटरी, एक मुख्य इंजीनियर और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के एक प्रोफेसर SIT के सदस्य थे। हादसा 30 अक्टूबर 2022 को हुआ था जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई थी।