छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को अनुपूरक बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 4 हजार 144 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। तीसरे अनुपूरक बजट में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, आवास, भूजल संरक्षण, आजीविका, औद्योगिक प्रशिक्षण, कस्टम मिलिंग सहित अतिरिक्त राशि के प्रावधान रखे गए हैं। दोपहर 3 बजे तक विधानसभा की चली। अब अगली कार्रवाई शुक्रवार को शुरू होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने करीब आधे घंटे तक अनुपूरक बजट पेश किया। जब तक वो बजट की जानकारी सदन में रखते रहे भाजपा का हंगामा जारी रहा। भाजपा के विधायकों, अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, धरमलाल कौशिक जोरदार हंगामा करते रहे। कानून व्यवस्था की दुहाई देकर हंगामा करते रहे। कुछ देर बाद एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री एक तरफ अलग-अलग योजना और विभागों में अनुपूरक बजट की जानकारी दे रहे थे, दूसरी तरफ भाजपा के विधायक जय-जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। कुछ ही देर बाद सभी ने हनुमान चालीसा पढ़नी शुरू कर दी। हंगामे के बीच ही अनुपूरक बजट पेश हुआ। इस बीच बस्तर की टारगेट किलिंग पर हंगामा हुअा तो मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि हम मानते हैं कि ये घटनाएं दुखद हैं, हम जांच कर रहे हैं, मगर NIA बीच में आती है तो इन घटनाओं की जांच भी भाजपा NIA से ही करवा ले, क्या दिक्कत है। गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में 1 लाख 4 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। पहले अनुपूरक में 2 हजार 904 करोड़ रूपए, दूसरे अनुपूरक में 4 हजार 338 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया था। तीसरे अनुपूरक बजट की राशि 4 हजार 144 करोड़ रूपए रखी गई है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 24 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। इन लक्ष्य की पूर्ति के लिए निर्माणाधीन कार्यों के लिये 900 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
विपक्ष ने नक्सली हमला, टारगेट किलिंग और धर्मांतरण को लेकर काम रोको प्रस्ताव भी लाया है। बीजेपी के सदस्य गर्भ गृह तक पहुंचकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। अनुपूरक बजट पर सदन में चर्चा की शुरुआत विधायक देवेंद्र यादव ने की।