बस्तर में भाजपा नेताओं की हत्या पर विधानसभा में हंगामे से विधानसभा 4 बार स्थगित

बस्तर में भाजपा नेताओं की हत्या पर विधानसभा में हंगामे से विधानसभा 4 बार स्थगित

विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा। विपक्षी विधायकों ने बस्तर में भाजपा नेताओं की हत्या और धर्मांतरण जैसे मुद्दे को लेकर स्थगन लाया। लेकिन विपक्षी विधायक शिवरतन शर्मा और अजय चंद्राकर द्वारा स्थगन पढ़ने के दौरान सत्तापक्ष की ओर से तीन मंत्रियों कवासी लखमा, अमरजीत भगत और शिव डहरिया समेत अन्य ने जवाबी हमला बोल दिया। इसके बाद दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा के सदस्य गर्भगृह में पहुंच गए और हनुमान चालीसा पढ़ा तथा नारे लगाए। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई रोक दी।

दरअसल शून्यकाल में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि बस्तर जल रहा है। नक्सलियों ने हमारे दल के चार नेताओं की हत्या की है। धर्मांतरण कराया जा रहा। शिवरतन ने आरोप लगाया कि नक्सली और मिशनरियों की साठगांठ से क्षेत्र में धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसे सरकार का भी संरक्षण प्राप्त है। वहीं, अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में बस्तर की डेमोग्राफी बदल रही है। बस्तर में अघोषित आपातकाल लगा है।विधानसभा हंगामे के दाैरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लाेग एक मंदिर नहीं बना पाए। हम भगवान राम की 3-3 मूर्ति स्थापित कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चर्च भाजपा शासनकाल में बने हैं। सीएम ने कहा कि बस्तर में शांति लौट रही है विपक्ष को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। उनके घर क्यों नहीं जल रहे, यह इनको बर्दाश्त नहीं हो रहा। ये कोयला और रेती चोरी की बात कर रहे हैं। इनके नेता तो पूरे देश को बेच रहे हैं। ये चाउंर चोर लोग क्या आरोप लगाएंगे? सीएम ने कहा कि चावल चोर हमसे क्या बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि झीरम के असली दोषी कौन हैं? सबको मालूम है। लखमा नारको टेस्ट के लिए तैयार हैं, लेकिन इस मामले में बीजेपी चुप क्यों है। सीएम ने कहा कि ये बस्तर को हमेशा अशांत रखना चाहते हैं ताकि इनकी राजनीति चलती रहे। सबसे ज्यादा धर्मांतरण इन्हीं के कार्यकाल में हुआ। धर्म के नाम पर लूटने का काम यही लोग करते हैं।

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