नई दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग के दूसरे दिन रूस के विदेश मंत्री ने यूक्रेन जंग पर हो रही आलोचनाओं का करारा जवाब दिया है। शुक्रवार को पुतिन के विदेश मंत्री से जब पूछा गया कि क्या जंग ही यूक्रेन के साथ विवाद का इकलौता समाधान था। इसके जवाब में सर्गेइ लावरोव ने कहा- दूसरे देशों में घुसपैठ को लेकर कोई अमेरिका से सवाल क्यों नहीं पूछता है?
लावरोव ने कहा कि क्या आपने अमेरिका और नाटो से पूछा की वो अफगानिस्तान, इराक और सीरिया में जो कर रहे हैं वो सही है? लावरोव के इस जवाब पर वहां मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाई।
लावरोव ने कहा- अब फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और जर्मनी के चांसलर ओल्फ शोल्ज कहते हैं कि यूक्रेन में पहली बार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हो रहा है। क्या वो 1999 को भूल गए जब अमेरिका ने सर्बिया पर बम बरसाए थे, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन उस समय सीनेटर थे। वो डींगे हांकते नहीं थकते थे कि मेरे दबाव देने पर शांति कायम करने के लिए सर्बिया पर हमला किया गया है।
लावरोव ने यूक्रेन जंग को जायज ठहराने के लिए ईराक युद्ध का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- अमेरिका के चीफ ऑफ स्टाफ कोलिन पॉवल ने एक शीशे की छोटी सी ट्यूब के आधार पर ईराक पर परमाणु हथियार रखने के झूठे आरोप लगाए। अमेरिका ने पूरे देश को उजाड़ दिया। इतनी बड़ी भूल कर ब्रिटेन के पीएम टोनी ब्लेयर कहते हैं कि हमसे भूल हो गई थी, अब क्या कर सकते हैं।