चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिवसीय दौरे पर आज मॉस्को पहुंचेंगे। यहां वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात करेंगे। रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद जिनपिंग पहली बार मॉस्को जा रहे हैं। दोनों लीडर्स की नजदीकियां कई मतभेदों के बावजूद गहरी है।
जंग छिड़ने के बाद चीन, रूस के साथ खड़ा नजर आया। जब अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगाए तो चीन ने US के इस कदम का विरोध किया और इसे आग में घी डालने वाला कदम बताया था। इसके अलावा रूस की तरह चीन भी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी (NATO) के विस्तार पर आपत्ति जता चुका है।
अब सवाल उठता है कि जिनपिंग के मॉस्को जाने का मकसद क्या है? क्या वो जंग खत्म करवाना चाहते हैं? जवाब है- जिनपिंग ग्लोबल लीडर बनने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश ये है कि जंग भले ही खत्म न हो, कम से कम पुतिन और जेलेंस्की को सीजफायर पर राजी करा लें। इसके बाद डिप्लोमैटिक चैनल्स खुल जाएंगे और चीन ग्लोबल लीडर कहलाने लगेगा।