कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक बार फिर लेटर लिखा है। उन्होंने लिखा कि बेतुके और बेकार के आरोप के लगाए जा रहे हैं। राहुल ने अपील की है कि उन्हें ब्रिटेन में दिए गए बयान को लेकर सदन में अपनी बात रखने का मौका दिया जाए, क्योंकि उन्हें सदन में बोलने का अधिकार है।
इससे पहले कांग्रेस नेता ने इसी मामले सोमवार को भी लोकसभा स्पीकर को लेटर लिखा था। संसद में अपनी बात रखने की मांग की थी।
ब्रिटेन में भारतीय लोकतंत्र पर टिप्पणी को लेकर भाजपा उनसे लगातार माफी की मांग कर रही है। वहीं, राहुल का कहना है कि सरकार के कुछ मंत्रियों ने उनपर भारत के खिलाफ बोलने के आरोप लगाए हैं, जो पूरी तरह से बेसलेस है।
राहुल ने नियम 357 का हवाला दिया
लेटर में राहुल ने लोकसभा के नियम 357 का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नियम 357 सदन में पर्सनल एक्सप्लेनेशन की अनुमति देता है। राहुल के मुताबिक, कोई भी सांसद स्पीकर की परमिशन से अपना स्पष्टीकरण दे सकता है, भले ही सदन के सामने कोई सवाल न हो।
उन्होंने कहा कि वह यह परमिशन संसदीय परंपराओं, नेचुरल जस्टिस के संवैधानिक रूप से निहित नियमों और लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 357 के तहत मांग रहा हूं।