ट्रेन कैंसिलेशन के दौर में जो ट्रेनें पटरी पर चल रही हैं, उनमें भी सफर करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। हालात ऐसे हैं कि आने-जाने वाली ट्रेनें पूरी तरह से ठसाठस स्टेशनों में पहुंच रही है। एक-एक कंफर्म टिकट के लिए मारामारी की स्तिथि है। ऐसे में कई बार यात्रियों को जरूरी यात्रा भी मजबूर होकर निरस्त करना पड़ रहा है। शनिवार को रायपुर से सिकंदराबाद और गोंडवाना एक्सप्रेस के कैंसिल होने की वजह से मुख्य रिजर्वेशन काउंटरों पर टिकट कैंसिल कराकर उसका रिफंड लेने के लिए ज्यादा भीड़ रही।यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तो ट्रेनें कैंसिल और दूसरी बात ये कि ट्रेनों के आने-जाने का भी शेड्यूल पूरी तरह से ब्लॉक के कारण बिगड़ा हुआ है। पिछले दो-तीन दिनों से कुहासा छाने की वजह से हावड़ा, मुंबई और ओडिशा तरफ की ट्रेनें 5 से 6 घंटा देरी से पहुंच रही हैं। सबसे अधिक पैसेंजर और एक्सप्रेस नागपुर रेल मंडल में ब्लॉक की वजह से कैंसिल चल रही हैं। परंतु तीसरी रेल लाइन के इंटरलॉकिंग का काम जिस तेजी से चल रहा है, उससे माना जा रहा है कि 14 दिसंबर के बाद अधिकांश ट्रेनें पटरी पर लौटेंगी।