पर्यावरण संरक्षण राज्य शासन की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ यादव;

पर्यावरण संरक्षण राज्य शासन की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ यादव;

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पृथ्वी को बचाने के उद्देश्य से पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां राज्य शासन की प्राथमिकता है। पर्यावरण की रक्षा से संबंधित विशेषज्ञों के प्राप्त सुझावों पर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। नगरी और ग्रामीण निकायों द्वारा हरीतिमा के विकास के लिए स्थान सुरक्षित किए जाएंगे। इसके साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव रविन्द्र सभागम में पर्यावरण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की संस्कृति प्रकृति से जुड़ी है। हमारी जीवन शैली पेड़ पौधों और वनों के सम्मान का आव्हान करती है। हम वसुधा को परिवार मानते हैं। प्राचीन साहित्य की रचना भोज पत्रों पर हुई। आम के पत्तों से हम मंगल द्वार सजाते हैं। जिस देश को परमात्मा ने प्रकृति से जोड़ा है, वह देश विश्व को भी नया संदेश दे रहा है। प्रधानमंत्री श्री नर्रेद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का यश विश्व में बढ़ रहा है। श्री मोदी ने यह उदाहरण स्थापित किया कि जहां दुनिया के कई देश ताकत के बल पर सत्ता के विस्तार में लगे हैं, वहीं भारत शांति का संदेश विश्व को दे रहा है। कोविड के समय अन्य राष्ट्रों को औषधियां बांटने और पर्यावरण क्षेत्र में सभी के सहयोग से अच्छे परिणाम लाने का संकल्प प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में होने के बाद भी शिवराज जी पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण अभियान से जुड़े हैं। वे हमारे आदर्श हैं। उनके द्वारा गत तीन वर्ष से प्रतिदिन पौधा लगाने का कार्य प्रेरक है।उन्होंने विभिन्न समाजों, बच्चों और बुजुर्गों सभी को पौध रोपण से जोड़ा है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिदिन एक पेड़ लगाने के कार्य से शिवराज जी ने अनेकों को जोड़ा ,यह हमारे लिए प्रेरणा की बात है। नागरिक अपनी जन्म वर्षगांठ या अन्य अवसर पर पेड़ लगाना चाहें तो उन्हें वृक्ष बैंक के माध्यम से पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे । सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए सोलर पैनल की स्थापना के लिए नागरिकों को पूरा सहयोग मिलेगा। प्रदेश में सांची सोलर सिटी की पहचान बनी है। इस कार्य का विस्तार अन्य नगरों एवं ग्रामों में होगा।

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