इस बार लोकसभा का चुनाव कई मामलों में अहम होगा। चुनाव में आदर्श आचार संहिता का पालन करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों और स्टार प्रचारकों के लिए कई हिदायतें जारी की है। चुनाव प्रचार के दौरान सभी दलों को अपने बयान में मर्यादा और संयम बनाए रखने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दल मुद्दा आधारित बहस कर चुनाव प्रचार के स्तर को ऊंचा उठाएं। इस बात की भी हिदायत दी गई है कि राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और स्टार प्रचारकों को मतदाताओं की जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं करनी चाहिए।भारत निर्वाचन आयोग ने धर्म और संप्रदाय से जुड़ी बातों को प्रमुखता से जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि ऐसी कोई भी गतिविधि, जो आपसी मतभेद और नफरत पैदा कर सकती हो या विभिन्न जातियों या समुदायों, धार्मिक और भाषाई समूहों के बीच तनाव पैदा कर सकती हो, का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दल और नेता मतदाताओं को भ्रमित करने के उद्देश्य से बिना तथ्यात्मक आधार के मिथ्या बयान नहीं देंगे। असत्यापित आरोपों या विकृतियों के आधार पर दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से परहेज किया जाएगा।आयोग की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि दूसरे दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी के उस पहलू की आलोचना नहीं की जानी है जो सार्वजनिक कार्यकलापों से नहीं जुड़ी हुई है। प्रतिद्वंद्वियों को अपमानित करने के लिए निम्न स्तर के व्यक्तिगत हमले नहीं किए जाएंगे।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा या पूजा के किसी भी स्थान का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कोई भी राजनीतिक दल भक्त और देवता के बीच के संबंधों की खिल्ली उड़ाएंगे। इसके अलावा वोट मांगने के लिए दैवी प्रकोप की कोई बात कहेंगे।