पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पात्रा ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधान 13ए के तहत राजनीतिक दलों को आयकर में छूट मिलती है। यह वित्त वर्ष 2017-18 का मामला है, जिसके लिए असेसमेंट के आधार पर टैक्स भरने की विस्तारित तारीख 31 दिसंबर 2018 थी। कांग्रेस ने नियमों के आधार पर तय डेट तक टैक्स नहीं भरा और नियमों के खिलाफ जाकर कैश में 14 लाख रुपए का बेनामी डोनेशन भी लिया। समय पर टैक्स नहीं भर पाने के कारण पेनल्टी लग कर कांग्रेस पर 105 करोड़ रुपए रिटर्न डिमांड बना, लेकिन कांग्रेस ने आयकर विभाग के पास सिर्फ ढाई करोड़ रुपए ही डिपोजिट किए।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अगर उस समय कांग्रेस रिर्टन भर देती तो यह नौबत नहीं आती। बाद में ब्याज लगकर वह राशि 135 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। कांग्रेस ने अपील की, जिसे पहले विभाग ने , फिर आईटीएटी और फिर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी खारिज कर दिया।
पात्रा ने आगे कहा कि इसके बाद नियमों के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ बैंक अकाउंट को रुटीन आधार पर अटैच किया गया और विभाग ने 115 करोड़ रुपए निकालने पर रोक लगा दी। हालांकि कांग्रेस के बैंक अकाउंट को फ्रीज नहीं किया गया। उनके खाते अभी भी ऑपरेशनल हैं, उसमें जमा और निकासी दोनों कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी के बहुत सारे बैंक खाते और कई पैन नंबर है। कांग्रेस के खाते में हजारों करोड़ रुपए हैं और लगभग 500 करोड़ का फिक्स्ड एसेट है।
भाजपा नेता ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पर झूठ का पुलिंदा खड़ा करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि गांधी परिवार को क्यों लगता है कि वह कानून से ऊपर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब राहुल गांधी इन तथ्यों का डिटेल में पॉलिटिकल नहीं टेक्निकल जवाब देंगे।