एलसीए तेजस 1A की पहली सफल उड़ान गुरुवार को बेंगलुरु के एचएएल फैसिलिटी में पूरी हुई। चौथे और पांचवी पीढ़ी के बीच का तेजस मॉर्क 1ए अपनी पहली उड़ान में 18 मिनट तक हवा में रहा। इस विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। इसके कारण इसकी क्षमता और भी बढ़ जाती है। इस जेट में एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्केन्ड ऐरे रडार, बीवीआर यानी बियॉन्ड विजुवल रेंज मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट लगाए गए हैं जो कि इसे बहुत चपल और तेज बनाते हैं। कुछ ही दिनों में इस विमान की आपूर्ति भारतीय वायु सेन को शुरू हो सकती है।भारतीय वायु सेना हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड 83 एलसीए मार्क 1A तेजस फाइटर जेट खरीद रही है। इसके अतिरिक्त 97 तेजस मार्क 1A फाइटर जेट की खरीद के लिए रक्षा खरीद परिषद ने मंजूरी दे दी है। इससे पहले 40 तेजस फाइटर जेट भारतीय वायु सेना खरीद रही है। इससे अब तक दो स्क्वाड्रन स्थापित भी हो चुके हैं। वायुसेना ने 123 तेजस फाइटर जेट मांगे थे। इसमें से अब तक 31 मिल चुके हैं।