दिल्ली की मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने आतिशी से उनके बयान का तथ्यों के साथ समर्थन करने को कहा। इससे पहले सत्ताधारी बीजेपी ने आतिशी के दावे के खिलाफ आयोग का रुख दिखाया था जिसमें आतिशी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि किसी करीबी के माध्यम से भाजपा ने उनसे सम्पर्क कर उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए कहा है। निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी कर कहा है, ”आप राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार में मंत्री हैं और एक राष्ट्रीय पार्टी की नेता हैं। सार्वजनिक मंच से नेताओं द्वारा कही गई बातों पर मतदाता विश्वास करते हैं और इस तरह से उनके द्वारा दिए गए बयान प्रचार विमर्श को प्रभावित करते हैं।” जवाब देने के लिए आतिशी को शनिवार, 6 मार्च शाम पांच बजे तक का वक्त दिया गया है।
दिल्ली सरकार में मंत्री और आप नेता आतिशी ने कहा था, ”उन्हें बीजेपी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें आने वाले दिनों में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” भाजपा की दिल्ली इकाई ने आप नेता और दिल्ली की मंत्री आतिशी को उनके इस दावे पर कानूनी नोटिस भेजा था। नोटिस में कहा गया था,”आपसे अनुरोध है कि आप उक्त आरोप को तुरंत वापस लें और अपनी माफी को टेलीविजन और सोशल मीडिया पर प्रमुखता से प्रसारित करें, ऐसा नहीं करने पर मेरे मुवक्किल आपके खिलाफ सिविल और आपराधिक कार्यवाही शुरू करने को बाध्य होंगे।”
दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “मंगलवार को आतिशी ने दावा किया कि एक करीबी परिचित के माध्यम से उन पर दबाव डाला जा रहा था। इसके अलावा, उन्होंने खुद, सौरभ भारद्वाज, राघव चड्ढा और दुर्गेश पाठक की संभावित गिरफ्तारी का उल्लेख करके गुमराह करने का प्रयास किया।”