प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की तीसरी सरकार में शपथ लेने के अगले ही दिन सोमवार को 71 सहयोगियों में मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया। सूची से स्पष्ट है कि मंत्रालयों के बंटवारे में ‘मोदी मिशन’ की छाप है। देश की बाह्य और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सीसीएस में शामिल टॉप-4 मंत्रालय हों या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने वाले रेल, आइटी, सड़क परिवहन और नई शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने की बड़ी योजना वाला शिक्षा मंत्रालय, सभी अपने पास रखने में भाजपा सफल हुई है। ये वो मंत्रालय हैं, जिनके लिए मोदी ने पहले ही 100 दिनों का एजेंडा तैयार हुआ था। मोदी के मास्टर प्लान में इन मंत्रालयों में आगामी समय कई बड़ी परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी है।एनडीए की तीसरी सरकार में 12 कैबिनेट सहित कुल 20 मंत्रियों को पुराने मंत्रालय मिले हैं। इसमें टॉप-4 में शामिल राजनाथ सिंह, अमित शाह, एस जयशंकर और निर्मला सीतारमण को पुरानी जिम्मेदारी फिर से मिली है। ये सभी नेता पहले की तरह रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्रालय चलाएंगे। इसके अलावा देश में सड़कों पर शानदार कार्य का गडकरी को इनाम देते हुए फिर से उन्हें पुराना मंत्रालय दिया गया है। धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल और हरदीप सिंह पुरी को भी क्रमशः शिक्षा, वाणिज्य और पेट्रोलियम मंत्रालय की पुरानी जिम्मेदारी मिली है।आइआइटियन और आइएएस रह चुके अश्विनी वैष्णव का नई सरकार में कद बढ़ा है। पिछली सरकार में रेल और आइटी जैसे दो बड़े मंत्रालय देख रहे वैष्णव को इस बार सूचना एवं प्रसारण जैसा महत्त्वपूर्ण मंत्रालय भी मिला है। इस सरकार में तीन बड़े मंत्रालय वैष्णव को देकर मोदी ने उनके सरकार में बहुत उपयोगी होने का संदेश दिया है। माना जा रहा है कि जिस तरह से वैष्णव ने मिशन मोड में पिछली सरकार में रेल और आईटी मिनिस्ट्री में कार्य किया, उसका यह इनाम है।