भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अटल पथ पर सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित नि:शुल्क हेलमेट वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि हेलमेट न पहनने की छोटी सी लापरवाही का खामियाजा पूरा परिवार भुगतता है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाएँ देश में अप्राकृतिक मौतों का सबसे बड़ा कारण हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश मौतें तेज गति, लापरवाही और हेलमेट/सीट बेल्ट न लगाने के कारण होती हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं सहित सभी वाहन चालकों से हेलमेट को जीवन का सुरक्षा कवच मानते हुए इसे अनिवार्य रूप से पहनने का प्रण लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने 2100 युवाओं को हेलमेट वितरित किए और दो पहिया वाहन रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।
युवाओं का दायित्व और सरकारी पहलें: डॉ. यादव ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है, और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी युवाओं का दायित्व है। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने और तेज गति से वाहन न चलाने की अपील की।
सड़क सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया:
- राहवीर योजना: सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले जिम्मेदार नागरिक को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
- तकनीकी उपाय: सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर पेट्रोलिंग दस्ते, चेकपोस्ट, डिजिटल चालान, स्पीडगन और फास्टटैग जैसे संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
- त्वरित सहायता: लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए ‘डायल 112’ वाहन सेवा शुरू की गई है, जिसके तहत 1200 आधुनिक फास्ट रिस्पांस व्हीकल पुलिस को दिए गए हैं।
भोपाल ट्रैफिक सुधार: भोपाल पुलिस आयुक्त श्री हरिनायणचारी मिश्र ने बताया कि शहर में ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए 37 चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में देश में 1 लाख 80 हज़ार लोगों की जान सड़क हादसों में गई है, इसलिए सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने का आग्रह किया।