कुरवाई (विदिशा): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को विदिशा जिले के कुरवाई में हिनौता सिंचाई परियोजना अंतर्गत जाजपोन पुनर्वास कॉलोनी एवं विभिन्न निर्माण कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने ₹258 करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें ₹165 करोड़ के 34 कार्यों का लोकार्पण और ₹92.70 करोड़ के 46 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गरीब कल्याण और चहुँमुखी विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर बनाने और किसानों की भलाई के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के बढ़ते विकास और शक्ति को भी रेखांकित किया।
किसानों को भावांतर योजना का लाभ: मुख्यमंत्री ने किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भावांतर योजना लागू कर दी गई है। इस साल सोयाबीन की फसल पर ₹5328 प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी और अंतर की राशि 15 दिन के अंदर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विदिशा जिले में खराब हुई फसलों का सर्वे कराया जाएगा और किसानों को राहत राशि, बीमा आदि का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि “हम किसानों के लिए जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं।”
भाई-दूज पर लाड़ली बहनों को ₹1500: डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत दीपावली के बाद भाई-दूज पर बहनों को ₹1500 की राशि देने की घोषणा की। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता बताते हुए उन्होंने बच्चों को स्कूटी, निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, साइकिल और छात्रावास जैसी सुविधाओं का ज़िक्र किया।
अन्य प्रमुख घोषणाएँ:
- नगर परिषद कुरवाई के विकास कार्यों के लिए ₹2 करोड़।
- पठारी में महाविद्यालय खोला जाएगा।
- कुरवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर 50 बिस्तर का बनाया जाएगा।
- बीना रिफाइनरी के सहायक उत्पादों के लिए औद्योगिक क्षेत्र का विकास।
- कुरवाई, लटेरी और नटेरन में 50-50 बिस्तर के नए छात्रावास।
- कुरवाई और विदिशा में ₹10 करोड़ की लागत से जनपद पंचायत भवन।
- लटेरी और ग्यारसपुर में ₹87 करोड़ की लागत से सांदीपनि स्कूल एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल।
- उदयपुर में नीलकंठेश्वर कॉरिडोर बनाने के लिए आवश्यक कार्य।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान केन-बेतवा लिंक परियोजना के मॉडल का अवलोकन किया और स्वदेशी को प्रोत्साहन देने तथा राहवीर योजना (घायल की जान बचाने पर ₹25,000 प्रोत्साहन) जैसी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।