भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार रात साढ़े चार घंटे चले रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप का खिताब नौवीं बार अपने नाम कर लिया है। 20 दिन तक चले इस टूर्नामेंट पर पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का गहरा असर देखने को मिला।
मैदान की तनातनी और रिकॉर्ड
- राजनीतिक तनाव: एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें तीन बार टकराईं और भारत ने तीनों ही मैच जीते। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से एक बार भी हाथ नहीं मिलाया।
- ट्रॉफी से इनकार: भारतीय टीम ने खिताब जीतने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी (जो पाकिस्तान के गृहमंत्री और PCB चीफ भी हैं) से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। टीम इंडिया ने बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाया।
- तिलक और रिंकू का जलवा: फाइनल में तिलक वर्मा (69 रन) की शानदार पारी ने भारत को जीत दिलाई, जिसके बाद सूर्यकुमार यादव ने झुककर उन्हें प्रणाम किया। पूरे टूर्नामेंट बाहर रहने वाले रिंकू सिंह को हार्दिक पंड्या की चोट के कारण मौका मिला। रिंकू ने आखिरी 6 गेंदों पर 10 रन की जरूरत के समय, हारिस रऊफ की चौथी गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर से चौका लगाकर भारत को खिताब दिलाया।
बुमराह का ‘प्लेन क्रैश’ जश्न
18वें ओवर में जसप्रीत बुमराह ने हारिस रऊफ को शानदार यॉर्कर पर बोल्ड करने के बाद ‘प्लेन क्रैश’ का इशारा करके विकेट का जश्न मनाया। यह जश्न सुपर-4 मैच की उस घटना से जुड़ा था, जब रऊफ ने भारतीय फैंस की ओर जेट गिराने जैसा इशारा किया था, जिस पर ICC ने उनकी 30% मैच फीस काटी थी। फाइनल में बुमराह ने उसी इशारे को दोहराकर गेंद से जवाब दिया।
भारतीय सेना को समर्पित जीत
टूर्नामेंट के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यह जीत भारतीय सेना को समर्पित की। टॉस के समय भी, भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने हाथ नहीं मिलाया और न ही एक-दूसरे से नज़रें मिलाईं, जो सामान्य खेल भावना के विपरीत था।