इंदौर: सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के प्राणी संग्रहालय पहुंचकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। पशु-पक्षियों के प्रति अपने अगाध प्रेम का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने न केवल वन्यजीवों का अवलोकन किया, बल्कि आत्मीयता से उन्हें दुलार भी किया। उनका मुख्य संदेश था: “पशु-पक्षी केवल चिड़ियाघरों की शोभा नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरण तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनके प्रति संवेदनशील होना हर नागरिक का कर्तव्य है।”
बायसन का आगमन और कूनो का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश की बढ़ती समृद्धि पर गर्व व्यक्त किया। कूनो में चीतों के आगमन की सफलता के बाद, इंदौर जू को भी एक बड़ी उपलब्धि मिली है। शिमोगा के जू से दो जोड़ी बायसन का आगमन हुआ है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने इंदौरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों को मध्य प्रदेश का वातावरण इतना अनुकूल लग रहा है कि वे यहां सफलतापूर्वक वंश वृद्धि कर रहे हैं, जिसका प्रमाण ज़ीब्रा की वंश वृद्धि है।
एक्सचेंज प्रोग्राम और एक्वेरियम की सौगात
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने इस अवसर पर विवरण देते हुए बताया कि टाइगर ब्रीडिंग एवं एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर ने एक टाइगर के बदले शिमोगा जू से 4 बायसन (रुद्र, तुलसी, कल्कि, ताप्ती) और शुतुरमुर्ग के दो जोड़े प्राप्त किए हैं। हाल ही में कुल 8 एग्ज़ॉटिक एनिमल इंदौर जू के परिवार का हिस्सा बने हैं, जो प्रदेश के लिए बड़ी खुशखबरी है। महापौर ने यह भी आश्वस्त किया कि जल्द ही यहां सेंट्रल इंडिया का सबसे आकर्षक एक्वेरियम स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने “पक्षी विहार”, किंग कोबरा एक्वेरियम और शुतुरमुर्ग बाड़े का दौरा किया, और अधिकारियों को उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संकेत दिया कि इंदौर जू को भविष्य में और बड़ी सौगातें मिलने वाली हैं।