मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप ने अब तक 23 बच्चों की जान ले ली है। मृतकों में मध्य प्रदेश के 19 बच्चे और राजस्थान के 4 बच्चे शामिल हैं। इस त्रासदी के सामने आने के बाद, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु और पंजाब ने तत्काल प्रभाव से इस सिरप की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसमें घटना की सीबीआई (CBI) जाँच कराने और देश भर में दवाओं की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जाँच करने की मांग की गई है।
अधिवक्ता विशाल तिवारी ने अपनी याचिका में कोर्ट से गुजारिश की है कि वह सरकार को राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दे। याचिका में यह भी मांग की गई है कि पूरी जाँच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में हो।
इस बीच, तमिलनाडु के ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कंपनी कांचीपुरम में स्थित है। सरकार ने कंपनी को पाँच दिन के अंदर जवाब देने का समय दिया है।