भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था की सुनिश्चितता पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इस संयुक्त कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और डीजीपी श्री कैलाश मकवाना भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर्स, जिले के दण्डाधिकारी होने के नाते, जिले में कानून व्यवस्था की बहाली के लिए प्राथमिक रूप से ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों से उच्च कोटि का तालमेल स्थापित करते हुए संयुक्त कार्ययोजना बनाने और खुद का प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी घटना की सूचना पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।
नक्सलवाद और अवैध घुसपैठ पर निर्णायक कार्यवाही:
- मुख्यमंत्री ने मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के कलेक्टर्स-एसपी को 6 माह में लक्ष्य केंद्रित काम पूरा करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि नक्सली या तो आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
- अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकालने की कार्यवाही में सख्ती लाने के निर्देश दिए।
संवेदनशील क्षेत्रों का ज़ोनल प्लान और अपराध नियंत्रण:
सकरी सड़कों वाली संवेदनशील बस्तियों के लिए 3 माह में जोनल प्लान तैयार करने के लिए नगरीय निकायों के सहयोग से कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि फोर्स मूवमेंट में बाधा न आए। साथ ही, स्कूल-कॉलेज के आसपास आपराधिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने ड्रग्स के अवैध कारोबार और नशे पर अंकुश लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय करने तथा कोरेक्स कफ सिरप के अतिशय उपयोग को नियंत्रित करने के लिए उच्च स्तर पर समाधान खोजने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आदतन अपराधियों की ज़मानत रद्द कराने के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल सक्रिय हों और साइबर अपराधों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो।
अंत में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सेंसिटिव पुलिसिंग के माध्यम से जनता में विश्वास बढ़ाने और अपनी कार्यशैली से शासन की सकारात्मक छवि बनाने की अपील की।