व्यापार और तकनीक पर फोकस: मोदी-स्टार्मर की मुलाकात भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

व्यापार और तकनीक पर फोकस: मोदी-स्टार्मर की मुलाकात भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के दो दिवसीय भारत दौरे का समापन आज मुंबई में हो रहा है, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात मुक्त व्यापार समझौता (FTA) और तकनीकी सहयोग को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

FTA पर तत्काल जोर

इस साल जुलाई में हस्ताक्षरित हुए भारत-ब्रिटेन FTA को जल्द लागू करने पर बातचीत शुरू हो गई है। इसका अंतिम लक्ष्य 2030 तक व्यापार को $120 अरब तक दोगुना करना है। यह समझौता विशेष रूप से भारतीय निर्यात जैसे कपड़े, चमड़ा और कृषि उत्पादों के लिए ब्रिटेन के बाजार को आसान बनाएगा। ब्रिटिश पीएम ने YRF द्वारा UK में तीन फिल्मों की शूटिंग की घोषणा को “ट्रेड डील के असली मकसद को पूरा करने” वाला बताया, जिससे ब्रिटेन में 3,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।

AI और तकनीक साझेदारी

मोदी और स्टार्मर ने ‘विजन 2030’ के तहत व्यापार के अलावा सुरक्षा, शिक्षा और तकनीक पर भी ध्यान केंद्रित किया। इसके बाद, दोनों नेता ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में शामिल होंगे, जो AI ऑपरेटेड फाइनेंस को समावेशी और मजबूत बनाने पर केंद्रित है।

स्टार्मर मुंबई के बाद बेंगलुरु में टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव (TSI) को गति देने पर विशेष जोर देंगे। यह पहल AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी। स्टार्मर का उद्देश्य ब्रिटिश कंपनियों को भारत के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। यह दौरा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि दोनों देश व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को अपनी साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बना रहे हैं।

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