नवीकरणीय ऊर्जा (साफ ऊर्जा) के मामले में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब भारत 125 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बन गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दी है। देश में बिजली बनाने की कुल क्षमता में से आधे से ज़्यादा (50 प्रतिशत से अधिक) हिस्सा अब कोयले या गैस जैसे गैर-जीवाश्म स्रोतों से आता है।
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट साफ ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। अगस्त तक हमने 192 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगा ली है। बिजली उत्पादन में भी हम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट बताती है कि भारत ने 1.08 गीगावाट सौर ऊर्जा बनाई, जो जापान (96 गीगावाट) से ज्यादा है।
दुनिया में चीन 887 गीगावाट के साथ पहले और अमेरिका 177 गीगावाट के साथ दूसरे नंबर पर है। इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच भारत ने 25 गीगावाट नई नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जिसमें ज्यादातर (21.7 गीगावाट) सोलर पावर है।
आज भारत की कुल बिजली क्षमता 485 गीगावाट है। इसमें कोयला/गैस से बनने वाली बिजली लगभग 242 गीगावाट है, यानी कुल का करीब 49.9 प्रतिशत। खास बात यह है कि 2015 में कोयले से बनने वाली बिजली का हिस्सा 70 प्रतिशत हुआ करता था, जो अब काफी कम हो गया है।