मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई, जिसमें किसान और पेंशनर्स हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- कोदो-कुटकी उपार्जन: जनजातीय किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पहली बार प्रमुख उत्पादक जिलों से कोदो-कुटकी की खरीदी की जाएगी।
- यह खरीदी रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी और सिंगरौली सहित अन्य जिलों से मांग आने पर की जाएगी।
- खरीफ 2025 में कुटकी ₹3500 प्रति क्विंटल और कोदो ₹2500 प्रति क्विंटल के दर से लगभग 30 हजार मीट्रिक टन उपार्जन होगा।
- किसानों को ₹1000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से मिलेगी।
- सोयाबीन भावांतर योजना: खरीफ 2025 के सोयाबीन किसानों के लिए ‘भावांतर योजना’ (प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम) लागू की गई है।
- योजना के तहत 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडियों में सोयाबीन बेचने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (₹5328) और मॉडल रेट के अंतर की राशि डीबीटी से मिलेगी।
- रेशम समृद्धि योजना: भारत सरकार की सिल्क समग्र-2 योजना को 25% राज्यांश के साथ ‘रेशम समृद्धि योजना’ के रूप में चलाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
- इसमें सामान्य वर्ग को 75% और SC/ST वर्ग को 90% तक आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे हितग्राहियों की आय में वृद्धि होगी।
- पेंशनर्स को राहत: पेंशनर और परिवार पेंशनर की महंगाई राहत दर में वृद्धि की गई है।
- सातवें वेतनमान के तहत महंगाई राहत 53% से बढ़कर 55% और छठवें वेतनमान के तहत 246% से बढ़कर 252% हो गई है। यह वृद्धि 1 सितंबर 2025 (भुगतान माह अक्टूबर 2025) से लागू होगी।
- अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- MSME क्षेत्र के लिए भारत सरकार की “RAMP” (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति।
- ‘सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना 2021’ में नए प्रावधानों को शामिल किया गया। इसके तहत 2025-26 और 2026-27 में 5 हजार पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण मिलेगा।
- आरक्षक अरुण सिंह भदौरिया को प्रधान आरक्षक के पद पर क्रम से पूर्व पदोन्नति।