दक्षिण भारत के तीन राज्यों – तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल – में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सर्वाधिक प्रभावित तमिलनाडु के चेन्नई और थूथुकुडी जैसे शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जहाँ सोमवार को 11.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। पानी भर जाने के कारण सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही ठप पड़ गई है, और यहाँ तक कि चेन्नई एयरपोर्ट का रनवे भी जलमग्न होने की सूचना है।
मौसम विभाग का कारण और चेतावनी:
IMD ने बताया कि यह भारी बारिश दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का परिणाम है।
- केरल में त्रासदी: इडुक्की, एर्नाकुलम, मलप्पुरम समेत 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। इडुक्की जिले में रविवार को बाढ़ और भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की दुखद मौत हो गई। मलप्पुरम में 50 से अधिक घर पानी में डूब गए हैं और प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
- तमिलनाडु में अलर्ट: IMD ने इरोड, नीलगिरी, कोयंबटूर, मदुरै और कुड्डालोर सहित तमिलनाडु के कई जिलों में 64 मिमी से 111 मिमी तक भारी बारिश की आशंका जताई है।
- बेंगलुरु के लिए येलो अलर्ट: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 22 से 25 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अनुमान है, जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF टीम के साथ बैठक की है। इसके अतिरिक्त, तेज़ हवाओं और ऊंची लहरों की चेतावनी के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अगले सात दिनों तक यह बारिश तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में जारी रहने का अनुमान है।