मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में संभागीय अधिकारियों की बैठक में कानून व्यवस्था पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभाग में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के सभी उपाय हों और नशे के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बार-बार अपराध करने वालों पर कठोर निर्णय लें, बदमाशों को सूचीबद्ध कर निगरानी रखें और मादक पदार्थों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से सिवनी जैसी घटनाएँ न होने देने को कहा।
स्वास्थ्य और प्रशासन पर निर्देश:
- मरीजों को सरकारी हॉस्पिटल ले जाना सुनिश्चित करें, प्राइवेट की ओर रुख करने वाले ड्राइवरों पर निगरानी रखें।
- जन सहयोग के उदाहरण प्रस्तुत करें, अच्छे समाजसेवियों को विश्वास में लें और गांवों में रात्रि विश्राम करें।
- हाई-वे पर स्थित ढाबों पर अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई करें।
- कलेक्टर जनसुनवाई में स्वयं बैठें और आवेदनों का निराकरण करें।
- विधानसभावार विजन डॉक्यूमेंट्स पर कार्य हो और जिले का दस्तावेजीकरण हो।
- साहसिक और रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दें, ‘उद्योग रोजगार वर्ष’ में औद्योगिक विकास की दिशा में कार्य करें।
विशेष निर्देश:
- आगामी जयंती/स्थापना दिवस (31 अक्टूबर, 1 नवंबर, 15 नवंबर) पर विकास परक गतिविधियां आयोजित हों।
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश से युवा वर्ग को जोड़ें, खेलकूद गतिविधियां भी हों।
- भावांतर योजना पर सतत नजर रखें।
- प्रतिबंधित दवाइयों और गौवंश तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही करें।
- अपराध से अर्जित संपत्ति पर ‘राजसात’ जैसी कार्रवाई करें, भू-माफियाओं पर एक्शन हो और जिला बदर आदेशों का सख्ती से पालन हो।
- समग्र विकास के लिए ‘विकास समिति मॉडल’ बनाएं।
बैठक में एसीएस, एडीजे, संभागायुक्त, आईजी सहित संभाग के सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे, जहाँ विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण भी दिए गए।