रायपुर //
छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। राज्य की रजत जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने यहाँ की भव्य और आधुनिक नई विधानसभा का लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक पल पर राज्यपाल रमन डेका जी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ की ‘विकास यात्रा की स्वर्णिम शुरुआत’ बताते हुए कहा कि यह भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि ’25 वर्षों की जन-आकांक्षा, जन-संघर्ष और जन-गौरव का उत्सव’ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा, “आज अटल जी जहां भी होंगे, देख रहे होंगे कि उनका सपना साकार हो रहा है।”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में संविधान सभा के सदस्य रहे रविशंकर शुक्ल, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जैसे मनीषियों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि यह नया भवन लोकतंत्र का तीर्थ स्थल है, जिसका हर स्तंभ पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है।
इस अवसर पर अटल जी की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया। नए विधानसभा परिसर में बस्तर आर्ट की झलक और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश तथा माता शबरी की आत्मीयता के संस्कार दिखाई देते हैं, जो राज्य की समृद्ध संस्कृति का प्रतिबिंब हैं।