भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में एक महिला नक्सली द्वारा आत्मसमर्पण किए जाने पर मध्यप्रदेश पुलिस बल की सराहना की है।
मुख्य बिंदु:
- आत्मसमर्पण: 1 नवंबर को बालाघाट के लांजी थाना क्षेत्र के चोरिया कैंप में महिला नक्सली सुनीता ने हथियारों के साथ समर्पण किया।
- इनाम राशि: सुनीता पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में कुल 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
- संगठन में पद: वह मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम (Area Committee Member) थी और इंसास राइफल से लैस थी।
- नीति का प्रभाव: यह आत्मसमर्पण मध्यप्रदेश द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला है।
- ऐतिहासिक सफलता: यह वर्ष 1992 के बाद पहली बार है जब किसी अन्य राज्य के सशस्त्र नक्सली कैडर ने मध्यप्रदेश शासन के सामने समर्पण किया है।
- सरकार का रुख: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 10 महीनों में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। सरकार ‘सॉफ्ट टच अप्रोच’ के तहत पुनर्वास के रास्ते खोल रही है।
- लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी वर्ष तक नक्सल नियंत्रण का लक्ष्य प्राप्त करने का विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का आउटरीच प्रोग्राम अच्छे परिणाम दे रहा है और उन्होंने पुलिस बल को पड़ोसी राज्यों की नक्सल गतिविधियों को नियंत्रित करने में सफल होने की आशा व्यक्त करते हुए अभियान जारी रखने के निर्देश दिए।