भारत के आधुनिक रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।
🚂 मुख्य विशेषताएं
- शुभारंभ: प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी से 4 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।
- नए मार्ग: बनारस-खजुराहो, फिरोजपुर-दिल्ली, लखनऊ-सहारनपुर और एर्नाकुलम-बेंगलुरु।
- कुल संख्या: इन नई ट्रेनों के साथ, देश में चालू वंदे भारत ट्रेनों की कुल संख्या 160 से अधिक हो गई है।
- प्रधानमंत्री के प्रमुख वक्तव्य:
- वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं।
- ये ट्रेनें विकसित भारत के मिशन में मील का पत्थर साबित होंगी।
- पवित्र तीर्थस्थल अब वंदे भारत नेटवर्क से जोड़े जा रहे हैं, जो भारत की संस्कृति, आस्था और विकास यात्रा का संगम है।
- तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या (जैसे बाबा विश्वनाथ धाम में 11 करोड़, अयोध्या में 6 करोड़ से अधिक) उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हजारों करोड़ रुपये का योगदान दे रही है।
🗺️ यात्रा समय में बचत
- बनारस-खजुराहो: मौजूदा विशेष ट्रेनों से लगभग 2 घंटे 40 मिनट की बचत।
- लखनऊ-सहारनपुर: यात्रा में लगभग 1 घंटा समय की बचत (कुल 7 घंटे 45 मिनट)।
- फिरोजपुर-दिल्ली: रूट की सबसे तेज ट्रेन; यात्रा मात्र 6 घंटे 40 मिनट में पूरी होगी।
- एर्नाकुलम-बेंगलुरु: यात्रा के समय में 2 घंटे से अधिक की कमी (कुल 8 घंटे 40 मिनट)।
🏥 वाराणसी में स्वास्थ्य पर जोर
पीएम मोदी ने वाराणसी में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधारों का भी उल्लेख किया, जिसमें महामना कैंसर अस्पताल, शंकर नेत्रालय और बीएचयू में उन्नत ट्रॉमा सेंटर जैसे संस्थानों की स्थापना शामिल है, जिससे वाराणसी पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य राजधानी बन गया है।