एकता नगर (गुजरात): मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कल एकता नगर, गुजरात में आयोजित भारत पर्व के 11वें दिन के सांस्कृतिक संध्या समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को भारत की एकता का तीर्थ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रोपित बीज (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की संकल्पना) को वट वृक्ष के रूप में देखकर उन्हें अत्यंत हर्ष और गर्व महसूस हो रहा है।
अपने संबोधन में, राज्यपाल श्री पटेल ने मध्य प्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में, राष्ट्रीय एकता के इस तीर्थ पर आए सभी लोगों का अभिनंदन किया। उन्होंने ‘भारत पर्व’ को केवल एक सांस्कृतिक उत्सव न मानकर, भारत की एकता, अखंडता और आत्मगौरव की भावना को नमन करने का प्रसंग बताया, जहाँ देश के सभी राज्यों की लोक संस्कृति, खान-पान और वस्त्र-विन्यास के माध्यम से ‘अनेकता में एकता’ का भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम के मंच पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेन्द्र शुक्ल भी उपस्थित थे।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के लोक नृत्य ‘बधाई हो’ से हुआ। इसके बाद, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड और गुजरात के कलाकारों द्वारा कुल 9 मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। एक विशिष्ट आकर्षण मध्य प्रदेश के विकास, इतिहास, कला और विरासत को दर्शाने वाली मल्टीमीडिया प्रस्तुति रही।
राज्यपाल ने पर्व में लगाई गई विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के स्टॉल, हस्तशिल्प स्टॉलों पर कलाकारों और कारीगरों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। श्री पटेल ने चंबल के पारंपरिक व्यंजन थोपा और सन्नाटा का स्वाद लिया और महेश्वरी साड़ी के स्टॉल पर विक्रेता से बातचीत की। पर्व से पहले, उन्होंने आरोग्य वन, सरदार पटेल जियोलोजिकल पार्क और सरदार सरोवर डैम सहित यूनिटी परिसर के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भी दौरा किया।