राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने उत्तराखंड और झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह में दोनों राज्यों की अतुलनीय प्राकृतिक संपदा को ‘प्रकृति का विशेष उपहार’ बताया। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में, राज्यपाल ने देश की विविधता में एकता की शक्ति को नमन किया।
उन्होंने कहा कि यह समारोह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि राष्ट्र-निर्माण में हमारी सक्रिय भागीदारी का प्रमाण है। उत्तराखंड, जो आध्यात्मिक शांति का केंद्र है, और झारखंड, जो क्रांतिसूर्य भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि है, दोनों ही भारत की सामूहिक विकास यात्रा के महान सहभागी हैं।
राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उस दूरदर्शी पहल की सराहना की, जिसने राजभवनों में इन स्थापना दिवसों को मनाने की परंपरा शुरू की। उन्होंने कहा कि यह पहल सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक सेतु स्थापित करती है, जिससे राष्ट्रीय एकता और भी सुदृढ़ होती है। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी यादगार बना दिया।