अयोध्या, उत्तर प्रदेश: 500 वर्षों के लंबे इंतजार की घड़ियाँ आज समाप्त हो गईं। अयोध्या की पावन धरा पर निर्मित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज शुभ मुहूर्त में भगवा धर्म ध्वज लहराया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक क्षण में ध्वजारोहण किया।
ध्वजारोहण का विवरण और साक्षी
दोपहर 12 बजे, मंदिर निर्माण की पूर्णता और एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव के प्रतीक के रूप में, प्रधानमंत्री मोदी ने 22 फीट लंबे, 11 फीट चौड़े और लगभग 3 किलो वजनी धर्म ध्वज को शिखर पर फहराया।
- उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित देशभर से लगभग 7000 मेहमान मौजूद रहे।
पीएम मोदी का आध्यात्मिक दौरा
प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचे और वहाँ से हेलीकॉप्टर के माध्यम से साकेत महाविद्यालय तक यात्रा की। इसके बाद उन्होंने रोड शो की शक्ल में सप्त मंदिर की ओर सड़क मार्ग से प्रस्थान किया।
- सप्त मंदिर दर्शन: पीएम मोदी ने सप्त मंदिर में पूजा-अर्चना की।
- रामलला के दरबार में हाजिरी: राम मंदिर पहुँचकर उन्होंने गर्भगृह के साथ ही मंदिर के प्रथम तल पर निर्मित राम दरबार में भी पूजा-अर्चना की।
पीएम मोदी ने व्यक्त किए भाव
पूजा के बाद, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपने भाव साझा किए, जिसमें उन्होंने लिखा कि अलौकिक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम परिवार के दर्शन का अवसर मिला। यह क्षण श्रद्धा और भक्ति से भावविभोर कर गया। उन्होंने श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण जी और सकल परिवार के दिव्य स्वरूप को “भारत की चेतना की साक्षात प्रतिमूर्ति” और “असंख्य रामभक्तों की तपस्या का प्रतिफल” बताया।
उन्होंने यह प्रार्थना भी की कि प्रभु श्रीराम का दिव्य आशीष संपूर्ण भारतवासियों के जीवन को यश और कीर्ति दे।
अन्य मंदिरों में भी पूजा
राम मंदिर में ध्वजारोहण के बाद, पीएम मोदी ने अन्य मंदिरों में भी दर्शन और पूजन किया।
- माता अन्नपूर्णा मंदिर: उन्होंने अयोध्या में माता अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त किया। देवी माँ से उन्होंने समस्त देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद विकसित भारत के हर प्रयास को गति प्रदान करे।
पीएम मोदी का संबोधन: ‘सदियों का संकल्प सिद्धि को प्राप्त’
ध्वजारोहण के बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और पल की साक्षी बन रही है।
- ऐतिहासिक क्षण: “आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि पांच सौ वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही।”
- ध्वज का महत्व: उन्होंने धर्म ध्वज को ‘इतिहास के सुंदर जागरण का रंग’ बताया। इसका भगवा रंग, इस पर लगी सूर्यवंश की थाती रामराज की कीर्ति को दर्शाती है। यह ध्वज संकल्प है, सदियों के संघर्ष की सिद्धि है और प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उद्घोष करेगा (सत्यमेव जयते और ‘प्राण जाए पर वचन न जाई’ की प्रेरणा)।
संघ प्रमुख मोहन भागवत का संदेश
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यह दिन उन राम भक्तों के संकल्प की पुनरावृत्ति का है जिन्होंने मंदिर के लिए अपने प्राण अर्पण किए। उन्होंने कहा कि ध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है, जो शांति बांटने वाला और सुफल देने वाला है। उन्होंने कहा, “जैसा सपना देखा था कुछ लोगों ने, बिल्कुल वैसा, उससे भी अधिक शुभकर यह मंदिर बन गया है।”