तराई क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा रेलवे: गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस का बरेली तक विस्तार

तराई क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा रेलवे: गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस का बरेली तक विस्तार

केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस ट्रेन को इज्जतनगर (बरेली) तक विस्तारित करने का उद्घाटन किया। यह विस्तार, जो स्थानीय निवासियों की लंबे समय से मांग थी, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ट्रेन का यह विस्तार (जो पहले लखीमपुर और पीलीभीत तक हो चुका था) अब इस क्षेत्र को दूरगामी लाभ पहुंचाएगा। इससे कृषि और वन उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार पहुँच सुनिश्चित होगी, लोगों के आवागमन की ज़रूरतें पूरी होंगी, और क्षेत्र के पर्यटन एवं रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में रेलवे का अभूतपूर्व कायाकल्प:

इस अवसर पर, श्री अश्विनी वैष्णव ने 2014 के बाद से उत्तर प्रदेश में हुए रेलवे विकास का विस्तृत ब्यौरा दिया, जो राज्य में केंद्र सरकार के भारी निवेश को दर्शाता है:

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार:
    • नया ट्रैक निर्माण: 5,272 किलोमीटर नया ट्रैक बनाया गया, जो स्विट्जरलैंड के पूरे रेल नेटवर्क से बड़ा है।
    • विद्युतीकरण: राज्य ने अपने सभी रेल मार्गों का 100% विद्युतीकरण पूरा कर लिया है।
    • सुरक्षा और सुविधा: इस अवधि में 1,660 फ्लाईओवर और रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया गया।
  • यात्री सुविधाएँ और आधुनिकीकरण:
    • 771 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा दी गई है।
    • यात्रियों की सुविधा के लिए 154 लिफ्ट और 156 एस्केलेटर स्थापित किए गए हैं।
    • राज्य में वर्तमान में 34 वंदे भारत और 26 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं।
  • परियोजनाएं और बजट:
    • 48 लंबित परियोजनाएँ, जो कई वर्षों से रुकी थीं (जैसे लखनऊ-पीलीभीत गॉज परिवर्तन), पूरी की गईं।
    • रेलवे में राज्य का बजट आवंटन 18 गुना बढ़कर ₹19,858 करोड़ हो गया है, जो 2014 से पहले केवल ₹1,109 करोड़ था।
    • अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशनों का पुनर्विकास चल रहा है।

श्री जितिन प्रसाद ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ स्थानीय छात्रों, किसानों और पर्यटकों को होगा।

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